संक्षिप्त जवाब: शुरुआत वाराणसी से करें: घाटों पर सुबह की नौका सवारी, काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध की शाम की गंगा आरती, और सारनाथ (लगभग 10 किमी)। फिर विंध्याचल और चुनार (मिर्ज़ापुर), मिर्ज़ापुर, चंदौली और सोनभद्र के जलप्रपात, नाथ और बौद्ध परंपरा के लिए कुशीनगर और गोरखपुर, और प्रयागराज व अयोध्या की दिन यात्रा जोड़ें। सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च। स्थानीय ऑपरेटरों के साथ यात्रा प्लान करें।
वाराणसी: ज़रूरी जगहें
| जगह | क्यों जाएँ | सुझाव |
|---|---|---|
| घाट (दशाश्वमेध, अस्सी, मणिकर्णिका, पंचगंगा) | काशी का दिल | सुबह नाव से देखें |
| काशी विश्वनाथ धाम | बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक | फ़ोन और बैग अंदर नहीं; लॉकर का इस्तेमाल करें |
| गंगा आरती | दशाश्वमेध और अस्सी पर शाम | जल्दी पहुँचें या नाव से देखें |
| सारनाथ | बुद्ध का पहला उपदेश | पुरातत्व संग्रहालय शुक्रवार बंद |
| संकट मोचन और दुर्गा कुंड | शहर के प्रिय मंदिर | BHU के साथ जोड़ें |
| रामनगर क़िला | गंगा पार क़िला और संग्रहालय | शरद ऋतु की प्रसिद्ध रामलीला |
देखें एक दिन का वाराणसी दर्शन, नाव और गंगा आरती बुकिंग और सारनाथ टूर।
मिर्ज़ापुर: विंध्याचल, चुनार और जलप्रपात
विंध्याचल (वाराणसी से लगभग 70 किमी) में माँ विंध्यवासिनी मंदिर है, और श्रद्धालु अष्टभुजा व कालीखोह के साथ त्रिकोण परिक्रमा करते हैं। चुनार क़िला वाराणसी से लगभग 40 किमी पर गंगा के ऊपर है। बरसात के बाद लखनिया दरी, विंढम फ़ॉल और सिद्धनाथ की दरी भर जाते हैं। देखें विंध्याचल दर्शन टूर और मिर्ज़ापुर जलप्रपात और चुनार।
चंदौली और सोनभद्र
चंदौली में चकिया के पास चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य के राजदरी और देवदरी जलप्रपात पिकनिक के लिए लोकप्रिय हैं। सोनभद्र में सलखन फ़ॉसिल्स पार्क, विजयगढ़ क़िला, रिहंद बाँध और जंगल के जलप्रपात हैं। देखें राजदरी-देवदरी पिकनिक और सोनभद्र नेचर टूर।
गोरखपुर और कुशीनगर
गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर, रामगढ़ ताल और गीता प्रेस। लगभग एक घंटे दूर कुशीनगर, जहाँ बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया: महापरिनिर्वाण मंदिर, रामभार स्तूप और अंतरराष्ट्रीय मठ। नेपाल में लुंबिनी सोनौली बॉर्डर से। देखें गोरखपुर टूर पैकेज और कुशीनगर तीर्थयात्रा।
अन्य ज़िले
| ज़िला | मुख्य आकर्षण |
|---|---|
| जौनपुर | अटाला मस्जिद, शाही क़िला, गोमती का शाही पुल |
| ग़ाज़ीपुर | गंगा घाट, लॉर्ड कॉर्नवालिस का मक़बरा, गहमर |
| बलिया | भृगु आश्रम, ददरी मेला, सुरहा ताल |
| आज़मगढ़ | निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी |
| भदोही | कालीन नगर, सीतामढ़ी का सीता समाहित स्थल |
वाराणसी से आसान यात्राएँ
प्रयागराज (लगभग 120–130 किमी): त्रिवेणी संगम; अयोध्या (लगभग 200–220 किमी): राम मंदिर और हनुमानगढ़ी; बोधगया (लगभग 250 किमी): महाबोधि मंदिर; चित्रकूट: रामघाट, कामदगिरि, हनुमान धारा। देखें वाराणसी से चित्रकूट टूर।
घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च सुहावना रहता है; कार्तिक पूर्णिमा (आमतौर पर नवंबर) की देव दीपावली साल की सबसे शानदार रात है। अप्रैल-जून बहुत गर्म; जुलाई-सितंबर में घाट डूब सकते हैं, पर जलप्रपात अगस्त से अक्टूबर सबसे अच्छे।
घूमने के साधन
पहले से वाराणसी में टैक्सी या ग्रुप के लिए टेम्पो ट्रैवलर बुक करें। पढ़ें वाराणसी कैसे पहुँचें।
वाराणसी और पूर्वांचल यात्रा सुझाव
- पहनावा और शिष्टाचार: मंदिरों में शालीन कपड़े पहनें, कहे जाने पर जूते उतारें, और लोगों की फ़ोटो लेने से पहले पूछें; मणिकर्णिका जैसे श्मशान घाट पर फ़ोटो उचित नहीं।
- नदी पर सुरक्षा: लाइफ़ जैकेट वाली पंजीकृत नाव लें; बाढ़ में नौकायन बंद हो सकता है।
- गर्मी और सेहत: अप्रैल-जून में पानी, टोपी और सनस्क्रीन रखें; सर्दियों की सुबह नदी पर ठंड और कोहरा रहता है।
- पैसा: UPI ज़्यादातर जगह चलता है, पर नाव और छोटी दुकानों के लिए कुछ नक़द रखें।
- दलाल: "स्पेशल दर्शन" या ख़ास दुकान ले जाने की ज़िद करने वालों को विनम्रता से मना करें।
कहाँ ठहरें
माहौल के लिए घाटों (अस्सी, दशाश्वमेध, गोदौलिया) के पास, या कार की आसान पहुँच, बड़े होटल और स्टेशन के लिए कैंट और सिगरा में ठहरें।
अपने ज़िले में देखें
- वाराणसी में होटल और होमस्टे
- चंदौली में होटल और होमस्टे
- ग़ाज़ीपुर में होटल और होमस्टे
- जौनपुर में होटल और होमस्टे
- आज़मगढ़ में होटल और होमस्टे
- मऊ में होटल और होमस्टे
- बलिया में होटल और होमस्टे
- मिर्ज़ापुर में होटल और होमस्टे
- सोनभद्र में होटल और होमस्टे
- भदोही में होटल और होमस्टे
- गोरखपुर में होटल और होमस्टे
- देवरिया में होटल और होमस्टे
- कुशीनगर में होटल और होमस्टे
मुख्य बातें
- पहले वाराणसी के घाट, काशी विश्वनाथ, गंगा आरती और सारनाथ।
- प्रकृति और तीर्थ के लिए विंध्याचल, चुनार और मिर्ज़ापुर-चंदौली-सोनभद्र के जलप्रपात।
- गोरखपुर और कुशीनगर में नाथ और बौद्ध विरासत; प्रयागराज, अयोध्या और बोधगया आसान विस्तार।
AI से पूछें
- "3 दिन में पूर्वांचल की सबसे अच्छी जगहें"
- "वाराणसी से 100 किमी के अंदर घूमने की जगहें"
- "वाराणसी के पास पिकनिक के लिए जलप्रपात"
संबंधित खोजें
वाराणसी में घूमने की जगह, पूर्वांचल पर्यटन स्थल, वाराणसी के पास पिकनिक स्पॉट, सारनाथ टूर, विंध्याचल दर्शन, चुनार क़िला, कुशीनगर पर्यटन, best places to visit in Purvanchal
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वाराणसी में कौन-सी जगहें ज़रूर देखें?
सुबह नाव से घाट, काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध की गंगा आरती, सारनाथ, संकट मोचन, BHU और रामनगर क़िला।
वाराणसी घूमने का सबसे अच्छा समय?
अक्टूबर से मार्च; नवंबर की देव दीपावली ख़ास है।
वाराणसी के पास कौन-से जलप्रपात हैं?
चंदौली के राजदरी और देवदरी, मिर्ज़ापुर के लखनिया दरी, विंढम फ़ॉल और सिद्धनाथ की दरी, और सोनभद्र के जंगल के जलप्रपात। जलप्रपात के पास नहाने से बचें।
